अमेरिका की सबसे बड़ी कार्रवाई: नागरिकता रद्द करने के अभियान में 40 लोगों के नाम शामिल, एक भारतीय भी प्रभावित

अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जिसके तहत 40 लोगों की अमेरिकी नागरिकता छीनी जा रही है। इनमें भारतीय मूल का एक व्यक्ति भी शामिल है। यह जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग ने दी है।

क्या है पूरा मामला? 
अमेरिका की कई अदालतों में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई का सामना कर रहे इन 40 लोगों पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं। इनमें विदेशी सरकार के लिए एजेंट के तौर पर काम करना, जानबूझकर हत्या (वॉलंटरी मैन्सलाटर) करना और विशेष जरूरतों वाले एक व्यक्ति के साथ गंभीर कुकर्म (एग्रवेटेड सोडमी) करना शामिल है।
इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत क्या कार्रवाई हो सकती है?
इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत, अगर किसी व्यक्ति ने गैर-कानूनी तरीके से, जरूरी जानकारी छिपाकर या जानबूझकर गलत जानकारी देकर अमेरिका की नागरिकता हासिल की है, तो उसकी नागरिकता छीनी जा सकती है और नेचुरलाइजेशन का सर्टिफिकेट रद्द किया जा सकता है।


जस्टिस डिपार्टमेंट के सिविल डिवीन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट ने कहा, ‘इन सभी लोगों ने झूठ बोलकर अमेरिका की नागरिकता हासिल की।’ 2003 में, उन्होंने एक दूसरी पहचान के तहत स्थायी निवासी का दर्जा मांगा और हासिल किया।

न्याय विभाग ने क्या कहा?
न्याय विभाग ने कहा, ‘फिंगरप्रिंट से साबित होता है कि सिंह ने दोनों आवेदन जमा किए थे। 2009 में, सिंह ने अपनी दूसरी पहचान के तहत नागरिकता हासिल की। शिकायत में उनके कई गलत बयानों और गैर-कानूनी कामों के लिए सात आरोप लगाए गए हैं, जो उनके नैतिक चरित्र पर बुरा असर डालते हैं।’

विभाग ने कहा कि वह चीन में जन्मे अमेरिकी नौसेना के पूर्व नाविक जिंचाओ वेई की नागरिकता रद्द करने की कोशिश कर रहा है, जिन्हें जासूसी से जुड़े अपराधों का दोषी ठहराया गया था। न्याय विभाग के अनुसार, वेई 2021 में नौसेना में शामिल हुए और फरवरी 2022 तक चीन को सैन्य रहस्य बेचने की साजिश रचने लगे। वह मई 2022 में अमेरिकी नागरिक बने। यह नागरिकता उन्हें उन नियमों के तहत मिली जो अमेरिकी सशस्त्र बलों में सम्मानपूर्वक सेवा करने वाले लोगों के लिए नागरिकता प्रक्रिया को तेज करने के लिए बनाए गए थे।अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने क्या कहा? 
कैलिफोर्निया के बलविंदर सिंह पर राज्य की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई चल रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके अमेरिका में दाखिला लिया और वहां की नागरिकता हासिल की। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने सोमवार को कहा, ‘आज की घोषणा आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कोशिश है।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *