आपदा समीक्षा बैठक: प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर चलें राहत और बचाव कार्य – सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारु करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में उच्चस्तरीय बैठक में रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और टिहरी जिले के कुछ क्षेत्रों में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा। उन्होंने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर बात कर राहत और बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारु करें। मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहें। जिलाधिकारियों को आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव गृह शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भारी बारिश और भूस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत, बचाव कार्यों में विलंब न हो। लोगों को समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए और सचेत एप के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश शुक्रवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से विभिन्न जिलाें में अतिवृष्टि की स्थिति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से क्षेत्रवार हालात की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में मौसम विभाग की जारी की गई चेतावनियों और पूर्वानुमानों पर पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी आदि मौजूद थे।
संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करें : सुमन
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील जिलों में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसी भी आपात सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए। उन्होंने सभी जिलों के आपदा नियंत्रण कक्षों को राज्य मुख्यालय से लगातार संपर्क में रहने को कहा। उन्होंने कहा कि बारिश एवं भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में सभी विभाग अपने-अपने संसाधनों के साथ त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में युद्धस्तर पर राहत, बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। अभी प्रयास यह हैं कि लापता लोगों की जल्द से जल्द खोज की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि लोग सुरक्षित रहें, मूलभूत सुविधाएं शीघ्र बहाल हों और हर प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचे।











