बिल्डर शाश्वत गर्ग का गायब होना, धोखाधड़ी और करोड़ों की देनदारी के आरोप में जांच शुरू

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पत्नी के साथ बिल्डर शाश्वत गर्ग के गायब होने के बाद दोनों राज्यों की पुलिस अलग-अलग जांच कर रही है। हापुड़ पुलिस उसकी गुमशुदगी और यहां देहरादून पुलिस धोखाधड़ी की प्राथमिकी में जांच कर रही है। अब एक अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि बिल्डर पत्नी को लेकर विदेश भाग गया है। ऐसे में अब जांच आगे बढ़ी तो उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया को भी अमल में लाया जा सकता है।

बिल्डर शाश्वत गर्ग परिवार समेत गायब हुए डेढ़ महीने से भी ज्यादा का समय हो चुका है। इसकी गुमशुदगी गर्ग के ससुराल वालों ने हापुड़ में दर्ज कराई। जांच हुई तो पला चला कि गर्ग और उसके परिवार की कार हरिद्वार तक ही आई थी। अब उसके खिलाफ देहरादून में भी प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जिसमें ससुराल पक्ष के लोग भी आरोपी हैं।

गर्ग के तमाम प्राजेक्ट अब खटाई में पड़ गए हैं। अब तक की जांच पड़ताल में इस बात से पुलिस भी इन्कार नहीं कर रही कि बिल्डर साजिशन खुद ही लापता हुआ है। करोड़ों की देनदारी के चलते उसने यह कदम उठाया या फिर लोगों को ठगने के इरादे से इसकी जांच की जा रही है। 

प्राथमिकी में इनके हैं नाम

बिल्डर शाश्वत गर्ग, उसकी पत्नी साक्षी गर्ग, पिता प्रवीण गर्ग, मां अंजली गर्ग और दो साले सुलभ और कुशाल गोयल।

23 फ्लैट को कई लोगों को बेचा

बिल्डर गर्ग पर आरोप है कि उसने राजपुर रोड पर अपनी परियोजना के 23 फ्लैट को एक से अधिक खरीदारों को बेचा है। यहां कुल 121 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इनमें से 98 की रजिस्ट्री कर दी गई है। ये 23 इनके अलग हैं जिनकी एक से अधिक बार रजिस्ट्री की गई है। इन सब से भी यही आशंका है कि उसने धोखाधड़ी के लिए इन फ्लैट को पहले से अलग किया हुआ था।

हापुड़ पुलिस का हुआ था एक व्यक्ति से संपर्क

बिल्डर गर्ग 17 अक्तूबर को हापुड़ में अपनी ससुराल गया था। शाम के वक्त वह परिवार के साथ यह कहकर निकला था कि वह देहरादून जा रहा है। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। उसके वर्षों ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने तलाश शुरू की। इस बीच सीडीआर निकाली गई तो उसमें पता चला कि गर्ग की उस दिन कई लोगों से बात हुई थी। इनमें से एक पर जब बात हुई तो बताया गया कि शाश्वत ने उससे कई करोड़ रुपये लिए हैं। इसी बात के लिए वह उससे बात कर रहा था। इस बात से भी यह आशंका जताई गई कि वह देनदारी के दबाव में खुद ही कहीं चला गया है। उसकी कार भी हरिद्वार में हर की पैड़ी के पास एक पार्किंग में खड़ी मिली थी।

रेरा प्लाट बिक्री पर लगा चुका है रोक

बिल्डर के गायब होने के बाद रेरा ने भी कार्रवाई शुरू कर दी थी। कुछ खरीदारों ने रेरा से शिकायत की तो थानो गांव में चल रही प्लाटिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा अब उसके वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्ट के संबंध में भी पड़ताल की जा रही है। राजपुर क्षेत्र में भी वह आवासीय परियोजना बना रहा था। पुलिस भी प्राथमिकी में जांच शुरू कर रही है। इसमें आरोपियों को पूछताछ के लिए जल्द बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही कई दस्तावेज भी पीड़ित पुलिस को उपलब्ध करा रहे हैं।

प्राथमिकी में जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर विवेचना अधिकारी को निर्देशित किया गया है। इस मामले में जो भी दस्तावेज हैं उनका संकलन भी शुरू किया जा रहा है। बिल्डर की गुमशुदगी की सूचना हापुड़ पुलिस को दी गई थी। -अजय सिंह, एसएसपी देहरादून

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