धराली में बिजली,पानी बहाल, नेट कनेक्टिविटी भी जल्द बहाल होने की उम्मीद

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हर्षिल घाटी में मौसम खराब

हर्षिल घाटी में मौसम खराब होने से आपदा राहत कार्यों का सामान लेकर जा रहा एमआई-17 हेलिकॉप्टर और चिनूक वापस चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर वापस लौटे।

धराली में बिजली,पानी बहाल, नेट कनेक्टिविटी भी जल्द बहाल होने की उम्मीद

धराली में बिजली,पानी बहाल है। आज शाम तक नेट कनेक्टिविटी भी बहाल होने की उम्मीद है। कल डबरानी के पास ओएफसी लाइन कट होने के कारण नेटवर्क कनेक्टिविटी अवरुद्ध हुई थी। रोजमर्रा की सभी वस्तुओं और सामाग्रियों को प्रभावित परिवारों तक पहुंच चुकी है। सड़क मार्ग की बहाली तक रसद एवं अन्य सामाग्री धराली एवं अन्य प्रभावित क्षेत्रों के भंडार गृह में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर हेली से भी रसद एवं अन्य जरूरतमंद सामान धराली पहुंचाया जा रहा है। किसानों एवं बागवानों के नकदी फसल एवं सेब के नुकसान का आंकलन उद्यान,कृषि और राजस्व विभाग द्वारा किया जा चुका है। धराली में क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग को सुचारू करने का प्रयास जारी है। उधर हर्षिल गाड़ में जमा मलबा हटाने के बाद गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सोनगाड़ तक सुचारू हो जाएगा। सोनगाड़ में जगह-जगह लगभग 400 मीटर सड़क मार्ग का हिस्सा पूर्ण रूप से ध्वस्त है। हालांकि वर्तमान में गंगोत्री से धराली एवं हर्षिल से सोनगाड़ तक यातायात ट्रांशिप के माध्यम से सुचारू है। सोनगाड़ से डबरानी तक करीब 2 किमी पैदल मार्ग है। उसके बाद वहां से उत्तरकाशी के लिए सड़क मार्ग सुचारू है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली पहुंचे

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली पहुंचे। घटना के बाद से ही जिलाधिकारी आपदा प्रभावित क्षेत्र में स्वंय उपस्थित रहकर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान और राहत सहायता के वितरण से लेकर आधारभूत संरचनाओं को पटरी में लाने के लिए स्वंय सतर्कता से मॉनिटरिंग कर रहे है। धराली में सर्च एवं रेस्क्यू तीव्र गति से संचालित है। प्रभावित परिवारों को सहायता राशि समय से प्रदान करने, रसद एवं जरूरतमंद सामान प्रभावित परिवारों को त्वरित मुहैया कराने और सड़क मार्ग की बहाली का प्रयास किया जा रहा है।

रडार, ड्रोन व अन्य साधनों से किया टीम ने निरीक्षण

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और निम संस्थान के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक एमआरटी का गठन किया गया था। यह टीम मंगलवार को मौसम साफ होते ही हिमगंगा के उद्गम स्थल पर हिमनद झील के आकलन के लिए पहुंची थी। टीम ने वहां पर रडार, ड्रोन व अन्य साधनों से निरीक्षण किया है। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इससे पहले भी एसडीआरएफ ने हिमगंगा की धारा का ड्रोन से सर्वे किया था। इसकी रिपोर्ट भी विभिन्न संस्थानों के साथ साझा की गई है।
12:32 PM, 13-Aug-2025

खीरगंगा के उद्गम स्थल पर हिमनद झील का एमआरटी ने किया आकलन

खीरगंगा के उद्गम स्थल में हिमनद झील का मंगलवार को माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) ने आकलन किया है। टीम में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और निम संस्थान के अधिकारी शामिल थे। यह टीम संयुक्त निरीक्षण के बाद धराली लौट आई है। टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी।

भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान, बाढ़ का खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले पांच दिनों में प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रदेश सरकार भी चौकन्नी हो गई है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिलाधिकारियों को जारी एडवाइजरी में उन्हें हर स्तर पर तत्परता और सुरक्षा बनाने को कहा गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। इन सभी जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को राज्य के बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधम सिंह नगर जिलों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना के लिए रेड अलर्ट जारी हुआ है। 14 अगस्त को भी बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। 15 अगस्त को भी मानसून के ऐसे ही तल्ख तेवर बरकरार रहने का अनुमान है। इस दिन देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। 16 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर व चंपावत जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

चिनूक से धराली पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर से आपदा प्रभावित धराली गांव के लिए सामान पहुंचाया जा रहा है।

खोजबीन और बचाव कार्य जारी

आईजी एसडीआरएफ की अध्यक्षता में खोजबीन और बचाव कार्य जारी रहा। खीरगंगा का जल स्तर बढ़ने से टीमों के आवागमन के लिए पुलिया बनाई गई थी, वह बह गई थी, उसे दोबारा बनाया गया है। इसके अलावा गड्ढे खोज के लिए बनाए गए थे उनमें भरे पानी को खाली करने के साथ एसएआर ऑपरेशन शुरू किया गया। बता दें कि आपदा में घायल हुए दो लोग सेना अस्पताल व एक जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी और एक एम्स ऋषिकेश में भर्ती है।

ख्रराब मौसम, हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू नहीं

खराब मौसम के कारण उत्तरकाशी के मातली हेलीपैड से आपदा प्रभावित क्षेत्रों धराली और हर्षिल तक हेलिकॉप्टरों से रेस्क्यू रोक दिया गया है।

धराली-मुखबा झूला ब्रिज के बेस को मजबूत करने का काम करेगा लोनिवि

धराली-मुखबा का मुख्य झूला पुल की बुनियाद को मजबूत करने का काम लोक निर्माण विभाग करेगा। आर्मी इंजीनियर, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने झूला पुल का निरीक्षण भी किया है। इसमें पुल की तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई गई है। वर्तमान में सुरक्षित रहते हुए एक-एक कर पार करने की सलाह दी गई है। वहीं, दबराणी से सोनगाड़ तक हर्षिल से धराली तक दो दिनों में बाधित मार्ग को लोनिवि के जरिये सुचारु करने का दावा किया है।

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